रंग बिरंगी गोभी की खेती करके आप कम समय में बन सकते हैं मालामाल, इस विदेशी सब्जी की खूब है मांग

रंग बिरंगी गोभी की खेती:आज के समय में खेती का बहुत ज्यादा डिमांड है क्योंकि खेती से लोगों को काफी फायदा होने लगा है.खेती से मिलने वाले लाभ के कारण लोग खेती पर ज्यादा ध्यान देते हैं और खेती करते हैं.

आजकल लोग नॉर्मल खेती के साथ-साथ विदेशी तरह की खेती भी करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं क्योंकि विदेशी उत्पादों से लाभ काफी ज्यादा मिलता है।विदेशी तरह की सब्जियों की खेती करना का से ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि विदेशी तरह की खेती करने से अधिक मुनाफा होता है।

रंग बिरंगी गोभी की खेती करके आप कम समय में बन सकते हैं मालामाल, इस विदेशी सब्जी की खूब है मांग

इस आर्टिकल में आज हम आपको रंग बिरंगी गोभी खेती के बारे में बताने वाले हैं। रंग बिरंगी खेती काफी ज्यादा फायदेमंद होती है आपको बता दे रंग-बिरंगे यह भी कि के उपयोग से कई तरह की बीमारियां दूर होती है।

मिट्टी और जलवायु
रंगीन फूलगोभी की खेती करने से पहले मिट्टी की जांच और जलवायु का ध्यान रखना चाहिये. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, रंगीन फूलगोभी के बेहतर उत्पादन के लिये तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना चाहिये.

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वहीं इसकी बुवाई के लिये खेत को जैविक विधि से तैयार करें, जिससे मिट्टी में जीवांशों की संख्या बरकरार रहे. ध्यान रखें कि मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 6.5 होना चाहिया. इसके लिये जल निकासी का प्रबंध करके कार्बनिक पदार्थों वाली वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग भी कर सकते हैं.

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रंगीन फूलगोभी की बुवाई
रंगीन फूलगोभी की खेती के लिये सबसे पहले नर्सरी तैयार की जाती है. इसके लिये एक हेक्टेयर खेत के हिसाब से 200 से 250 ग्राम बीजों की बुवाई करते है, जिनसे 25 से 30 दिन के अंदर पौधे तैयार हो जाते हैं. इन पौधों को सिंतबर के अंत से लेकर अक्टूबर के बीच खेतों में बैड बनाकर कतार विधि से लगा दिया जाता है. इस दौरान लाइन से लाइन के बीच 60 सेमी. और पौध से पौध के बीच 45 सेंमी का फासला रखना चाहिये. खेतों में पौधों की रोपाई के बाद हल्की सिंचाई की जाती है, ताकि मिट्टी में नमी कायम रहे

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