गुलाब की खेती कर आप कम समय में बन सकते हैं अमीर,जानिए गुलाब की खेती करने का सही तरीका

0

गुलाब की खेती: हमारे देश में अब खेती-बाड़ी का प्रचलन काफी बढ़िया है क्योंकि खेती करके लोग कम समय में अमीर बन जाते है. इसलिए आजकल खेती करके लोग कम समय मे अमीर बन जाएंगे.

आज हम आपको गुलाब की खेती करने के बारे मे आपको बताने वाले है. गुलाब की खेती करके आप कम समय मे अमीर बन सकते है. खेती से होने वाले मुनाफे के कारण लोग खेती में ज्यादा ध्यान देने लगे हैं.

गुलाब की खेती कर आप कम समय में बन सकते हैं अमीर,जानिए गुलाब की खेती करने का सही तरीका

Also Read:शिमला मिर्च की खेती आपको बना देगी अमीर, जाने इसको करने का सही तरीका

गुलाब की खेती करके लोग कम समय में अमीर बनते हैं क्योंकि गुलाब की मांग हमेशा बनी रहती है और गुलाब की खेती है कैसी खेती है जिसका हर साल देश विदेश में मांग बना रहता है. बता दें कि गुलाब का फूल विदेशों में भी सप्लाई होता है.

पूजा पाठ के साथ शादी ब्याह में भी गुलाब के फूल का खूब उपयोग होता है क्योंकि गुलाब के फूल से कई तरह के कार्य होते हैं. साबुन बनाने में तेल बनाने में इत्र बनाने आदि में भी गुलाब के फूल का उपयोग होता है इसलिए इसकी मांग बनी रहती है.

गुलाब की खेती कर आप कम समय में बन सकते हैं अमीर,जानिए गुलाब की खेती करने का सही तरीका

गुलाब के खेतों की तैयारी

सुंदरता की दृष्टि से औपचारिक Layout करके खेत को क्यारियों  में बाँट लेते है क्यारियों  की लम्बाई और चौड़ाई 5 miter लम्बी 2 miter चौड़ी रखते हैI दो क्यारियों  के बीच में आधा मीटर स्थान छोड़ना चाहिएI क्यारियों  को अप्रैल मई में एक मीटर की गुड़ाई एक मीटर की गहराई तक खोदे और 15 से 20 दिन तक खुला छोड़ देना चाहिएI

क्यारियों  में 30 सेंटीमीटर तक सूखी पत्तियो को डालकर खोदी गयी मिट्टी से क्यारियों  को बंद कर देना चाहिए साथ ही गोबर की सड़ी खाद एक महीने पहले क्यारी में डालना चाहिए इसके बाद क्यारियों  को पानी से भर देना चाहिए साथ ही दीमक के बचाव के लिए फ़ालीडाल पाउडर या कार्बोफ्यूरान 3 जी. का प्रयोग करेI लगभग 10 से 15 दिन बाद ओठ आने पर इन्ही क्यारियों  में कतार बनाते हुए पौधे व् लाइन से लाइन की दूरी 30 गुने 60 सेंटीमीटर रखी जाती हैI इस दूरी पर पौधे लगाने पर फूलों  की डंडी लम्बी व् कटाई करने में आसानी रहती हैI

गुलाब की खेती करने के लिए पौध तैयार करना

आमतौर पर जुलाई-अगस्त में मानसून आते ही  गुलाब लगाया जाता है। सितम्बर-अक्टूबर में तो यह भरपूर उगाया जाता है। गुलाब लगाने की सम्पूर्ण विधि और प्रक्रिया अपनाई जाए तो यह फूल मार्च तक अपने सौंदर्य, सुगंध और रंगों से न केवल हमें सम्मोहित करता है बल्कि लाभ भी देता है।

जंगली गुलाब के ऊपर टी बडिंग द्वारा इसकी पौध तैयार होती हैI जंगली गुलाब की कलम जून-जुलाई में क्यारियों  में लगभग 15 सेंटीमीटर की दूरी पर लगा दी जाती हैI नवम्बर से दिसंबर तक इन कलम में टहनियां निकल आती है इन पर से कांटे चाकू से अलग कर दिए जाते हैI

जनवरी में अच्छे किस्म के गुलाब से टहनी लेकर टी आकार कालिका निकालकर कर जंगली गुलाब की ऊपर टी में लगाकर पालीथीन से कसकर बाँध देते हैI ज्यो-ज्यो तापमान बढता है तभी इनमे टहनी निकल आती हैI जुलाई अगस्त में रोपाई के लिए पौध तैयार हो जाती हैI

पौधशाला से सावधानीपूर्वक पौध खोदकर सितम्बर-अक्टूबर तक उत्तर भारत में पौध की रोपाई करनी चाहिएI रोपाई करते समय ध्यान दे कि पिंडी से घास फूस हटाकर भूमि की सतह से 15 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर पौधों की रोपाई करनी चाहिएI पौध लगाने के बाद तुरंत सिंचाई कर देना चाहिएI

गुलाब की खेती में खाद और उर्वरकों की आवश्यकता

उत्तम कोटि के फूलों  की पैदावार लेने के हेतु प्रूनिंग के बाद प्रति पौधा 10 किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद मिट्टी में मिलाकर सिंचाई करनी चाहिएI खाद देने के एक सप्ताह बाद जब नई कोपल फूटने लगे तो 200 ग्राम नीम की खली 100 ग्राम हड्डी का चूरा तथा रासायनिक खाद का मिश्रण 50 ग्राम प्रति पौधा देना चाहिएI मिश्रण का अनुपात एक अनुपात दो अनुपात एक मतलब यूरिया, सुपर फास्फेट, पोटाश का होना चाहिएI

गुलाब की देखभाल

गुलाब के लिए सिंचाई का प्रबंधन उत्तम होना चाहिएI आवश्यकतानुसार गर्मी में 5 से 7 दिनों के बाद तथा सर्दी में 10 से 12 दिनों के बाद सिंचाई करते रहना चाहिएI

उत्तर प्रदेश के मैदानी भागो में कटाई-छटाई हेतु अक्टूबर का दूसरा सप्ताह सर्वोत्तम होता है लेकिन उस समय वर्षा नहीं होनी चाहिएI पौधे में तीन से पांच मुख्य टहनियों को 30 से 40 सेंटीमीटर रखकर कटाई की जाती हैI यह ध्यान रखना चाहिए कि जहाँ आँख हो वहाँ से 5 सेंटीमीटर ऊपर से कटाई करनी चाहिएI कटे हुए भाग को कवकनाशी दवाओ से जैसे कि कापर आक्सीक्लोराइड, कार्बेन्डाजिम, ब्रोडोमिश्रण या चौबटिया पेस्ट का लेप लगना आवश्यक होता हैI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *